मजलिस को मिशन 2022 विधान सभा में सफलता के लिए करनी होगी कड़ी मेहनत – अब्दुल सलाम खान (सलाम)
संत कबीर नगर / कुरैश अहमद सिद्दीकी

उक्त बातें स्वतंत्र टिप्पणी कार अब्दुल सलाम खान (सलाम) ने कहीं।
श्री सलाम ने आगे कहा कि अगर आप ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के बारे में अच्छी राय रखते हैं तो आपको जमीनी हकीकतों को स्वीकार्य करने का साहस रखना चाहिए ।
आमतौर पर देखने को मिलता है कि लगभग हर जिला में ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन में अंतर्कलह और गुटबाजी पाई जाती है।
इन गुटों के बीच में एक दूसरे को कमतर या नीचा दिखाने का द्वन्द चल रहा है, बात जरूर थोड़ा कड़वी है मगर यही अंतर्कलह और द्वन्द आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी को ले डूबेगा !
समाजवादी पार्टी के नेताओं और विशेष करके मुस्लिम नेताओं को यह कहते देखा-सुना जा सकता है कि 2-3 महीना पहले तक ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन, मुस्लिम जनता के बीच एक अच्छी पकड़ रखती थी, मगर दिन-ब-दिन इसकी पकड़ ढीली होती जा रही है और मुस्लिम जनता भाजपा को हराने के चाहत में एक बार फिर से समाजवादी पार्टी की तरफ झुकता हुआ नजर आ रहा है,
अगर ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के प्रदेश स्तर के नेताओं ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया तो मुस्लिम जनता का जत्था का जत्था समाजवादी पार्टी का समर्थक और वोटर बन जाएगा, अगर इस स्थिति को रोकना है तो पुनर्विचार करना ही होगा । तमाम तरह के अंतर्कलह और द्वन्द को समाप्त कर, बारम्बार जनता के बीच में जाएं।
श्री सलाम ने आगे कहा कि ए आई एम आई एम के कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों में यह बात आम तौर पर देखी जा सकती है कि जिम्मेदार होकर घर बैठे हुए हैं, सिर्फ सोशल मीडिया पर अपना जज्बा दिखा कर भाग जाते हैं । मगर जमीन पर उतर कर काम करने का कोई शौक व साहस नहीं दिख रहा है । यह स्थिति निश्चित रूप से ए आई एम आई एम को आगामी चुनाव में अपेक्षित नतीजे नहीं मिलने के रूप में एक गहरा झटका देने वाले हैं ।
अभी समय है, सचेत हो जाएं और जरूरी सुधार कर लें !
वरना पिछले विधानसभा चुनाव से थोड़े से फायदे में तो जरूर होंगे, मगर अपेक्षित और संतोषजनक परिणाम नही होंगे ।।