सन्त कबीर नगर = समाज में जिस प्रकार सदाचार और सत्यनिष्ठा का महत्व है, उसी प्रकार बाजार में गुणवत्ता और विश्वसनीयता का महत्व होता है। एक श्रेष्ठ उत्पाद केवल उपभोक्ता की आवश्यकता पूरी नहीं करता, बल्कि विश्वास, संतोष और सुरक्षा का अनुभव भी देता है, जैसे रिलैक्सो डोम्सवियर कंपनी की डेंग्यू डॉन अगरबत्ती।
यह रिलैक्सो डोम्सवियर कंपनी का रजिस्टर्ड ब्रांड है, जिसका लेबल कॉपीराइटेड है और लोगो पर भी कॉपीराइट लागू है। परंतु जब वही उत्पाद लोकप्रिय होता है, तो उसकी नकल करने वाले तत्व भी सक्रिय हो जाते हैं। दुर्भाग्यवश, कुछ डुप्लिकेट कंपनियां ठीक उसी पैकेट डिजाइन की नकल करके “रिलैक्स डोम्सवियर” लिखकर बेच रही हैं, जिससे ग्राहकों को देखने में बिल्कुल एक समान लगती है और असली-नकली में फर्क करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उसकी गुणवत्ता और प्रतिष्ठा को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाती है।
अक्सर यह मान लिया जाता है कि गुणवत्ता की रक्षा करना केवल निर्माता का दायित्व है। किंतु वास्तविकता इससे कहीं व्यापक है।
यदि बाजार में नकली या निम्नस्तरीय उत्पाद बिक रहे हैं, तो यह केवल निर्माता की कमजोरी नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं, विक्रेताओं और प्रशासन की उदासीनता का भी परिणाम है। बेहतर उत्पाद को सुरक्षित रखना एक सामूहिक नैतिक जिम्मेदारी है।
आम नागरिक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। यदि उपभोक्ता सजग होकर प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं को ही प्राथमिकता दें, तो नकलचियों के लिए अवसर स्वतः कम हो जाएंगे। सस्ते आकर्षण के पीछे भागने के बजाय यदि लोग गुणवत्ता को महत्व दें और पैकेट पर कंपनी का सही नाम (रिलैक्सो डोम्सवियर) ध्यान से देखें, तो बाजार में ईमानदारी को बढ़ावा मिलेगा।
इसी प्रकार दुकानदारों और एजेंसियों का भी नैतिक कर्तव्य है कि वे केवल प्रमाणिक और मानक उत्पाद ही बेचें। अल्पकालिक लाभ के लिए नकली वस्तुओं को बढ़ावा देना न केवल ग्राहक के साथ विश्वासघात है, बल्कि पूरे व्यापारिक वातावरण को दूषित करता है। स्थानीय प्रशासन को भी चाहिए कि वह नियमों का कठोर पालन सुनिश्चित करे और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करे।
वर्तमान में प्रशासन की तरफ से नकली उत्पाद बनाने और बेचने वालों की जांच तथा गिरफ्तारी की प्रक्रिया भी चालू है।
यह समझना आवश्यक है कि एक निर्माता केवल वस्तु का निर्माण नहीं करता, बल्कि वह राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाता है। वह रोजगार देता है, कर अदा करता है और देश की प्रगति में योगदान करता है। इसलिए उसकी गुणवत्ता और प्रतिष्ठा की रक्षा करना राष्ट्रीय हित से जुड़ा विषय है।
अंततः, बेहतर उत्पाद को बचाए रखना केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि नैतिक दायित्व है। जब समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी जिम्मेदारी समझेगा और निभाएगा, तभी गुणवत्ता, विश्वास और समृद्धि का संतुलन कायम रह सकेगा।