

संत कबीर नगर 14 दिसंबर 2022 पारदर्शिता सहभागिता जवाबदेही के आधार पर जनपद में हो रहे सोशल ऑडिट टीम द्वारा जहां-तहां इसका खुला उल्लंघन देखने को मिल रहा है टीम के द्वारा ना कोई बैनर है और ना कोई समय है कैसे होगा सोशल ऑडिट, बताते चलें कि विकासखंड मेहदावल के अंतर्गत थरौली ग्राम पंचायत के प्रधान द्वारा लाखों रुपए का वित्तीय घोटाला विकास कार्य के नाम पर किया गया है इस संबंध में करौली ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि ना मेरे गांव में कोई मेड़बंदी हुई है ना कोई पक्का काम किया गया इतना ही नहीं वर्ष 2020 में तथा 21 में 40 पशु शेड के नाम पर ग्राम प्रधान द्वारा भुगतान कर लिया गया मौके पर किसी भी पात्र अपात्र व्यक्ति का पशु शेड काम होना नहीं पाया गया टीम के सदस्यों द्वारा स्थलीय और भौतिक सत्यापन के दौरान भी यही देखने को मिला सोशल ऑडिट के समय मजबूरन ऑडिट टीम के सदस्य आदित्य तिवारी द्वारा अनुमन्य ढंग से सोशल ऑडिट का कार्य संपन्न कराया गया मौके पर ना तो ग्राम प्रधान रहा ना उसका रोजगार सेवक इतना ही नहीं ग्राम पंचायत अधिकारी भी नदारद रहा एक अदद तकनीकी सहायक आशुतोष शर्मा उपस्थित रहे जिनके सामने ग्रामीणों का रोना व प्रधान के प्रति रोष का माहौल दिखाई दिया सोशल ऑडिट टीम के द्वारा बताया गया कि उक्त ग्राम पंचायत में लगभग कच्चा पक्का काम मिलाकर 12/ 13 लाख रुपए का काम कराया गया है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ समझ में नहीं आई हम लोग रिकवरी के लिए जिला प्रशासन को लिखने पर मजबूर हैं और लिखेंगे ताकि भविष्य में इस तरह की वित्तीय अनियमितता किसे ग्राम प्रधान द्वारा न किया जा सके,। देखना अब यह है कि आडिट टीम द्वारा रिकवरी के लिए अपना रिपोर्ट मनरेगा सेल में दिया जाता है या मामले को प्रधान से समझ कर इतिश्री कर ली जाएगी,
केके मिश्रा जर्नलिस्ट्