– जिले के 102 व 108 एम्बुलेंस सेवा के ईएमटी व पायलट को दिया गया प्रशिक्षण
– इमरजेंसी मेडिकल लर्निंग सेंटर की तरफ से दिया जा रहा प्रशिक्षण
संतकबीरनगर


आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा के बेहतर संचालन के लिए कार्यदायी संस्था जीवीके ईएमआरआई के इमरजेंसी मेडिकल लर्निंग सेंटर ( ईएमएलसी ) लखनऊ की तरफ से 102 व 108 एम्बुलेंस सेवा के पायलट तथा ईएमटी ( इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन ) को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण के दौरान उन्हें एम्बुलेंस सेवा के संचालन के साथ ही प्रबन्धन की भी बेहतर जानकारी प्रदान की गयी।
ईएमएलसी लखनऊ से आए प्रशिक्षक आलोक कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा में प्राथमिक उपचार के साथ ही साथ समय प्रबन्धन बहुत ही आवश्यक होता है। हम जिस मरीज को लाते हैं उसकी जीवन रक्षा के लिए हमें प्राथमिक उपचार की बेहतर जानकारी होनी चाहिए। आपकी कार्यक्षमता का निरन्तर विकास होता रहे इसलिए ही यह प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रशिक्षण के दौरान ईएमटी को मरीजों के उपचार और दवाओं के बारे में जानकारी दी। चालकों को जल्द से जल्द पहुंचकर मरीजों को समय से उपचार दिलाने के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि सरकारी एंबुलेंस की सुविधा 24 घंटे निःशुल्क उपलब्ध है। ईएमटी मुबारक अली बताते हैं कि 102 व 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन पूरी तरह से प्रशिक्षित होते हैं। मरीज या दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को जब एम्बुलेंस में रखा जाता है तभी से उसके उपचार की प्रक्रिया शुरु हो जाती है। इस दौरान उसके रक्तचाप, तापमान में परिवर्तन, रक्तश्राव की स्थिति के साथ ही साथ अन्य चीजों पर नजर रखी जाती है। इसके साथ ही आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं व आक्सीजन सिलिण्डर भी एम्बुलेंस में रहते हैं, जिनके प्रयोग की जानकारी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन को होती है।
किसी भी आपातकालीन स्थिति में कोई भी व्यक्ति 108 व 102 नंबर पर फोन करके बुला सकता है। इस दौरान उन्होने एंबुलेंस स्टॉफ को ट्रेनिंग के दौरान समय पर ऑक्सीजन लगाना, बीपी चेक करना, स्ट्रेचर को सही से प्रयोग करना, एंबुलेंस की साफ-सफाई और कुछ -जरूरी दवाइयों के बारे में जानकारी दी।
इस दौरान डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर अक्षत सिंह ने बताया कि हम निरन्तर बेहतर कार्य करते हुए मानव जीवन की रक्षा में अपना योगदान दें इसके लिए हमें समय समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है। हम सभी लोगों का दायित्व है कि हम चिकित्सा सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान यूं ही देते रहें। इस अवसर पर एम्बुलेंस कर्मी राजवन्त, मनोज कुमार, यशवन्त, सत्येश्वर प्रसाद, रमेश, आशीष कुमार, राम दयाल यादव और सिद्धनाथ प्रमुख तौर पर उपस्थित रहे।
जनपद में हैं कुल 43 एम्बुलेंस
एम्बुलेंस सेवा के ईएमई ( इमरजेंसी मैनेजमेंट एक्जीक्यूटिव ) रामानुज गौड़ ने बताया कि जिले में कुल 44 आपातकालीन एम्बुलेंस हैं। इनमें से 22 एम्बुलेंस 108 आपातकालीन सेवा के तथा 21 एम्बुलेंस आपातकालीन 102 आपातकालीन सेवा के हैं। इन सभी एम्बुलेंस पर तीन शिफ्ट में 24 घण्टे पायलट व ईएमटी ( इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन ) कार्यरत रहते हैं। यह ट्रेनिंग आगामी 3 सितम्बर तक एम्बुलेंस चालकों की ड्यूटी के आधार पर शिफ्टवाइज होती रहेगी। एम्बुलेंस सेवा के कार्य में कोई बाधा न हो, इसलिए ऐसा किया गया है।
इस तरह के प्रशिक्षण निरन्तर आवश्यक
प्रशिक्षण में शामिल पायलट पंकज बताते हैं कि हमने यह प्रशिक्षण प्राप्त किया है। ईएमटी के साथ ही चालक को भी आपातकालीन प्रबन्धन की जानकारी होनी चाहिए। हमें समान रुप से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ईएमटी मनोज कुमार ने बताया कि संस्थान के द्वारा निरन्तर हमें प्रशिक्षित किया जाता रहा है, जिससे हमारा ज्ञान दिन प्रतिदिन बढ़ता रहता है। नित नई बीमारियों के साथ ही साथ विषम परिस्थितियों में अपने दायित्वों के बेहतर निर्वहन का भी प्रशिक्षण प्राप्त होता है।